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Wednesday, May 16, 2012

Being Here is not different from Being Everywhere

Photo Courtesy: Erik Johansson

Krishna's* teaching
can be accessed
through Head,
while
His presence
felt
through Heart!

Head (Intelligence)
has
specific location
and time frame
but
Heart is beyond both...!

Whatever the Question,
Love is the Answer...!

*Krishna: Satguru/Master/Your own SELF

With Love,

Nitin Ram
16 may 2012

Heart, the unexplored Capital!

1 comment:

Anonymous said...

This lovely song dedicated .........only for U.

हम ने देखी है, उन आखों की महकती खुशबू
हाथ से छूके इसे, रिश्तो का इल्जाम ना दो
सिर्फ एहसास हैं ये, रूह से महसूस करो
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो

प्यार कोई बोल नहीं, प्यार आवाज नहीं
एक खामोशी हैं सुनती हैं कहा करती हैं
न ये बुझती है, न रुकती है, न ठहरी हैं कही
नूर की बूँद है, सदियों से बहा करती हैं

मुस्कराहट सी खिली रहती हैं आँखों में कही
और पलको पे उजाले से झुके रहते हैं
होठ कुछ कहते नहीं, कापते होठों पे मगर
कितने खामोश से अफसाने रुके रहते हैं